पाठ्यक्रम और कार्यक्रम

 

एफडीडीआई की अध्यापन प्रविधियों के केन्द्रीय तत्व प्रदर्शन, अभ्यास और सिद्धान्त हैं। प्रायोगिक कार्य के साथ ही सैद्धान्तिक प्रशिक्षण पर भी पूरा ध्यान जोर दिया जाता है। कार्यक्रमों को इस प्रकार से अभिकल्पित किया जाता है कि पूरी प्रक्रिया के दौरान प्रत्येक विद्यार्थी पर पूरा ध्यान दिया जा सके। विषय वस्तु को इस प्रकार से तैयार किया गया है कि विद्यार्थी को अधिकतम सामग्री एवं सूचना उपलब्ध हो सके। हमारा प्रयास रहता है कि उद्योग को सर्वश्रेष्ठ क्षमतावान पेशेवर उपलब्ध करवाए जाएं।

 

पूरा प्रशिक्षण कार्यक्रम विभिन्न खंडों/स्तरों के लिहाज से प्रत्येक कार्यवाही/गतिविधि के बहुत ही सूक्ष्म अध्ययन के बाद विकसित किया गया है जिसे सामान्यतया मोड्यूल( मापांक) के रूप में जाना जाता है। मूलतया ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न कॉलेज ने 1992 में हमारे विभिन्न फुटवियर (जूता) कार्यक्रमों के लिए पाठ्यक्रम तैयार किया था। इसके बाद इसे 1996ए 2000 व 2006 और 2010 में अद्यतन संशोधित कर इसमें नए तकनीकी बदलावों को समाहित किया गया है। एफडीडीआई अभिकल्पन, फैशन, तकनीकी, खुदरा एवं संबंधित क्षेत्रों में हो रहे अध्याधुनिक परिवर्तनों से स्वयं को अद्यतन करता रहता है और इसी अनुसार अपने पाठ्यक्रम में संशोधन करता है।

 

"..एक संस्थान के रूप में हमारा मिशन है कि हम विश्वस्तरीय शिक्षण, त्वरित शोध और विकास, नवाचारी अनुप्रयोगों का विकास और तकनीकी, उद्यमिता को बढ़ावा देकर अन्ततः युवा पुरूषों और युवा महिलाओं को देश हित में समाज का नेतृत्व संभालने के लिए क्षमतावान बनाएं। "

 

प्रस्ताविक कार्यक्रम

 

कार्यक्रम कूट अंक कार्यक्रम का नाम स्थान
नोएडा
फुरसतगंज
चेन्नई
कोलकाता
रोहतक
छिंदवाड़ा
जोधपुर
कुल
1
एम.एससी. ( फैशन विपणन और खुदरा प्रबंधन)
60
60
30
30
60
--
--
240
2
एम.एससी. ( फुटवियर तकनीक)
60
60
60
30
30
50
30
320
3
एम.एससी. ( रचनात्मक अभिकल्पन और सीएडी/सीएएम)
30
30
30
--
30
--
--
120
4
एम.एससी. ( चर्म उत्पाद एवं एसेसरी अभिकल्पन)
30
30
--
30
30
--
--
120
5
एम.एससी. ( दृश्य विपण और संचार अभिकल्पन)
30
--
--
--
--
--
--
30
 
6
बी.एससी. ( फैशन विपणन और खुदरा प्रबंधन)
60
60
30
30
30
--
--
210
7
बी.एससी. ( फुटवियर तकनीक)
60
60
60
60
60
50
30
380
8
बी.एससी. ( चर्म उत्पाद एवं एसेसरी अभिकल्पन)
60
60
--
60
--
--
--
180

 

इग्नू पृष्ठभूमि

 

1985 में अपनी स्थापना से ही इग्नू ने अपने खुले और दूरस्थ शिक्षण ( ओडीएल) देश में उच्च शिक्षा के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

 

यह जन विश्वविद्यालय प्रशिक्षु केन्द्रित नजरिए का अनुसरण करता है और इसने प्रवेश योग्यताओं, कार्यक्रम को पूर्ण करने की अवधि और अध्ययन के स्थान को लेकर खुलेपन की और लचीली नीतियों को सफलतापूर्वक अंगीकृत किया है। विश्वविद्यालय वर्तमान में 338 अध्ययन कार्यक्रम प्रस्तावित करती है जिसके 3ए500 से अधिक पाठ्यक्रमों में अब तक 30 लाख से अधिक विद्यार्थी लाभान्वित हो चुके हैं। विश्वविद्यालय की ओर से वर्तमान में निम्नांकित स्तरों के कार्यक्रम प्रस्तावित किए जा रहे हैं- डॉक्टोरेट शोध विशेषज्ञता, स्नातकोत्तर और स्नातक उपाधि कार्यक्रम, स्नातकोत्तर और अधि स्नातक डिप्लामा और प्रमाणपत्र ।

 

शिक्षा व्यवस्था पारम्परिक के साथ ही नवोदित आन्तरिक-प्रविधिक क्षेत्रों में छितराई हुई है।जैसे उपभोक्ता संरक्षण, आपदा प्रंबधन, पर्यावरण, मानव अधिकार, पर्यटन, महिला सशक्तिकरण और बाल कल्याण, सहभागी वन प्रबंधन, सहभागी योजनानिर्माण, पुर्नबसाव और पुर्नवास, शिक्षक प्रशिक्षण, खाद्य और पोषण, सतत चिकित्सा एवं स्वास्थ्य शिक्षण, खुदरा प्रबंधन, फुटवियर तकनीक एवं चर्म उत्पाद और एसेसरीज अभिकल्पन, प्रयोगशाला तकनीकी और ऑनलाइन शिक्षण। विश्वविद्यालय का सबसे बड़ा योगदान ऐसे नवोदित और रोजगारपरक क्षेत्रों के पाठ्यक्रमों को दूरस्थ स्थानों के प्रशिक्षुओं को भी उपलब्ध करवाना रहा जो कि अब तक केवल आमने सामने (नियमित) अध्ययन कार्यक्रमों तक ही सीमित थे। एफडीडीआई में प्रस्तावित सभी कार्यक्रम और भौतिक और प्राकृतिक विज्ञान, उपचर्या, स्वास्थ्य, अभियांत्रिकी व तकनीकी, कम्प्यूटर्स, पुस्तकालय और सूचना विज्ञान ऐसे कुछ लोकप्रिय कार्यक्रम हैं जिन्हें निगमित (कॉरपोरेट) क्षेत्र की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए निरूपित किया गया है।

 

विश्वविद्यालय अपने अकादमिक कार्यक्रमों का इसके 21 अध्ययन विद्यालयों ( स्कूल्स ऑफ स्टडी) के माध्यम से विकसित करता है। एक समर्पित दूरस्थ शिक्षण प्रविधि में प्रशिक्षित संकाय समूह अकादमिक कार्यक्रमों की योजना, निरूपण, विकसित, सुपुर्द करता है। इग्नु अपनी पाठ्य सामग्री विकसित और निरूपित करने के लिए बड़ी संख्या में देश के प्रमुख संस्थानों के वरिष्ठ अध्यापकों औऱ विशेषज्ञों को विषय विशेषज्ञ के रूप में जोड़ता है। विश्वविद्यालय ने प्रशिक्षुओं को सहज पहुंच और प्रभावी सहायक सेवाएं मुहैया करवाने के लिए देश भर में 43 क्षेत्रीय केन्द्रों ( आरसी), 6 उप क्षेत्रीय केन्द्रों, 1400 अध्ययन केन्द्रों (एससी) के सघन जाल की स्थापना की है। जिसमें कार्यक्रम अध्ययन केन्द्र (पीएससी) व इसी तरह से अजा/जजा, अल्पसंख्यक, अलग प्रकार से सक्षम प्रशिक्षुओं, जेल बंदियों और रक्षा एवं अर्द्ध सैन्य सेवाओं की विभिन्न शाखाओं के लिए स्थापित किए गए विशेष अध्ययन केन्द्र भी शामिल हैं। विश्वविद्यालय ने देश की सीमाओं से परे भी अपनी पहुंच का विस्तार किया है। इग्नु ने कई देशों, खासकर एशियाई और अफ्रीकी, के साथ द्वीपक्षीय और बहुपक्षीय गठबंधन किए हैं- ऑस्ट्रेलिया, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, यूनाइटेड अरब अमीरात, कतर, कुवैत, ओमान, बहरीन, अबु धाबी, सैशेल्स, मॉरिशस, मालदीवस, इथोपिया, मेडागास्कर, पापुआ न्यू गिनीआ और लाइबेरिया। विश्वविद्यालय के अकादमिक कार्यक्रम मल्टी मीडिया समर्थित हैं। विश्वविद्यालय के पास श्रव्य, दृश्य, रेडियो, टेलिविजन, इन्टरेक्टिव रेडियो और वीडियो परामर्श तथा टेली कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा इग्नु को उच्च शिक्षा के अन्य संस्थानों के सहयोग से एक 24 घण्टे के शैक्षणिक चौनल-ज्ञान दर्शन- के संचालन के लिए भी चुना गया है। ज्ञान वाणी एक वृहद सहकारिता आधारित एफएम रेडियो केन्द्रों के जाल के रूप में उभर रहा है जो केवल शिक्षा को ही समर्पित है।

 

Aशिक्षण, शोध और प्रशिक्षण के अलावा, विस्तारित शिक्षा इग्नु की अकादमिक गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण एकक है। विस्तारित शिक्षा विश्वविद्यालय और समाज के बीच अत्यधिक आवश्यक संबंध उपलब्ध करवाती है। विश्वविद्यालय की ओर से सामाजिक जागृति और शिक्षा और प्रशिक्षण पर केन्द्रित कई सारे साक्षरता कार्यक्रम आवश्यकता वाले क्षेत्रों और संबंधित इलाकों में सफलता पूर्वक कार्यान्वित किए जा रहे हैं। यह विश्वविद्यालय की सामाजिक सहभागिता और समुदाय की क्षमता, ज्ञान, योग्यता में बढोतरी करनी की रणनीति का अंग हैं।