सेंटर फॉर लेदर गुड्स एंड एसेसरीज डिजाइन (सीएलजीएडी)

 

एफडीडीआई स्थित सीएलजीएडी में सभी नवीनतम प्रचलित उपकरण एवम मशीनें हैं और साथ ही वहां नवीन्तल सीएडी युक्त कक्षाएं तथा स्टूडियो भी हैंद्य वर्तमान सुविधाओं और उद्योग से प्राप्त हार्दिक निर्देह्सना के द्वारा यह संस्थान अवश्य ही डिजाइन शिक्षा को आने वाले वर्षों में नई उंचाईयों तक लेकर जायेगा|


यह संस्थान लेदर गुड्स एवम एसेसरीज डिजाइन के क्षेत्र में गहन प्रशिक्षण हेतु स्नातक स्तर के कार्यक्रम उपलब्ध कराता है, जिसके साथ ही अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्यातिलब्ध डिजाइन पेशेवरों तथा उद्योग के विशेषज्ञों के निर्देशन में वास्तविक स्टूडियो में सजीव प्रशिक्षण तथा सजीव प्रोजेक्ट कराया जाता हैद्य संस्थान ने इस क्षेत्र की विशाल वैश्विक कंपनियों और साथ ही साथ डिजाइन के अग्री संस्थानों के साथ भी जानकारी तथा विशेषज्ञता की साझेदारी हेतु टाई-अप किया है|

 

कैरियर संभावनाएं

वैश्विक कम्पनियों द्वारा साधन विकल्पों की खोज में, भारत विअश्विक बाजार में बड़ी हिस्सदारी करने के लिए तैयार हैद्य यूएस और यूरोप से अग्रणी ब्रांड भारत से लेदर और लेदर के बने सामान मंगवाने की योजना बना रहे हैंद्य वैज्ञानिक प्रगति तथा तकनीकों के आधुनिकीकरण के फलस्वरूप लेदर के सामानों के उद्योग को अब प्रशिक्षित डिजाइनरों, प्रबंधकों, व्यापारियों तथा निरीक्षण हेतु ऐसे कर्मचारियों की आवश्यकता है जिनमें अंतर्राष्ट्रीय स्तर के उत्पाद तैयार करने हेतु उत्पादों की गुणवत्ता को उन्नत तथा अनुकूलतम स्तर तक लाने की क्षमता हो |

 

अनुभवजन्य विचार

यह पाठ्यक्रम इस प्रकार डिजाइन किया गया है जिससे कि यह आने वाले वर्षों में वैश्विक लेदर उद्योग की बढ़ती हुई आवश्यकताओं को पूरा कर सकेद्य इस तीन वर्षीय कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थी प्रारंभिक वर्ष में डिजाइनिंग फाउन्डेशन में गहन प्रशिक्षण प्राप्त करते हैंद्य दूसरे वर्ष में विद्यार्थी व्यावहारिक प्रशिक्षण के अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्यातिलब्ध डिजाइन पेशेवरों तथा उद्योग के विशेषज्ञों के निर्देशन में वास्तविक स्टूडियो में सजीव प्रशिक्षण तथा सजीव प्रोजेक्ट करते हैंद्य अंतिम वर्ष के दौरान आने वाले दिनों में स्नातक की उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थी उद्योग में आतंरिक प्रशिक्षार्थी के रूप में कार्य करते हैं तथा उद्योग के पेशेवर परिवर्तनों और गतिविधियों को सीखते और आत्मसात करते हैं |

 

संचालित पाठ्यक्रम

 

कार्यक्रम विवरण

01.एम. एससी. (लेदर गुड्स एवं एक्सेसरीज डिजाइन)

पाठ्यक्रम कोड: 04
अवधि: 2 वर्ष (4 सेमेस्टर)
योग्यता: किसी भी विषय में स्नातक (अंतिम वर्ष की परीक्षा में बैठने वाले भी आवेदन कर सकते हैं।)
आयु सीमा:31 जुलाई 2011 को अधिकतम 28 वर्ष

सीटों की संख्या: Nनोएडा कैंपस -30, फुर्सतगंज कैंपस -30, कोलकाता कैंपस -30 और रोहतक कैंपस -30

पाठ्यक्रम का उद्देश्य :

इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य गहन ज्ञान का आधार तैयार करना और प्रबंधन व डिजाइनिंग में पर्याप्त व्यवसायिक कौशल का विकास करना है। फैशन प्रणाली के विस्तार ने ऐसे डिजाइनरों की मांग पैदा की है जो कि न सिर्फ डिजाइनके विकास के योग्य हों बल्कि बढ़ती बहु-विषयक प्रतिस्पर्धा में एक ऐसे पेशेवर के रूप में भी उभरें जो कि इस क्षेत्र से जुड़े अन्य क्षेत्रों के प्रबंधन एवं अंतरण में कुशल हों। आज के फैशन डिजाइनर को अपनी कला में माहिर होने के साथ-साथ एक प्रबंधक एवं कला-निदेशक बनने की आवश्यकता है और उसे विभिन्न परियोजनाओं के उत्पाद तक पूर्ण होने, प्रक्रिया में आवश्यक संचार एवं उनकी खुदरा बिक्री से सम्बन्धित पहलुओं के प्रबंधन के भी योग्य होना चाहिए |

डिजाइनिंग एवं विनिर्माण तकनीक:

उत्पाद सम्बन्धित ज्ञान, प्रतिरूपों का कटाव, बाजार समझ (भारतीय व विदेशी), बाजार का खण्डीकरण, चमड़े से सम्बन्धित तकनीकें, चमड़ों का श्रेणीकरण, लागत निर्धारण, चमड़े का कटाव, उत्पादन योजना एवं नियंत्रण, सिलाई का अनुक्रम, उपकरणों एवं उपसाधनों का प्रयोग, मशीनों की समझ, परिष्कृत चमड़े पहचान, चमड़े के परिष्करण की पहचान एवं सामान्य अनुप्रयोग, विभिन्न परिष्कृत चमड़ों का सूत्रीकरण। गैर-चमड़ा सामग्रियोंध्उत्पादों का परिष्करण, चमड़े के उत्पादों एवं सहायक सामग्रियों का परिष्करण, प्रस्तुतीकरण तकनीक। औद्योगिक प्रशिक्षण और परियोजनाएं आदि प्रशिक्षण कार्यक्रम का अभिन्न अंग हैं।

पाठ्यक्रम विवरण:

प्रबंधन के सिद्धांत, विपणन, वित्त, मानव संसाधन प्रबंधन, गुणवत्ता नियंत्रण, उत्पादन एवं संचालन प्रबंधन, उत्पाद एवं आकृति डिजाइन, कर्मचारी परिस्थिति विज्ञान, उत्पाद फोटोग्राफी, आधार डिजाइनका आरेख, विश्लेषणात्मक आरेख, ज्यामितीय रचना, रंग संयोजन, फैलाव की बनावट एवं संरचना, वातावरण का बोध, फोटोग्राफी चित्रण, कार्य प्रस्तुतीकरण|

कैरियर संभावना:

अतंर्राष्ट्रीय परिदृश्य में सहायक सामग्रियों की दुनिया बढ़ती जा रही है और इसमे अधिक से अधिक विशिष्टीकरण की आवश्यकता है। इस कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा करने के उपरान्त छात्र डिजाइनर, व्यापारी, प्रबन्धक और पर्यवेक्षक के तौर पर उद्योग जगत में पदार्पण कर सकते हैं।

 

उपलब्ध शैक्षिक कार्यकम

 

कार्यक्रम विवरण

03. बी. एससी. (लेदर गुड्स एवं एक्सेसरीज डिजाइन)

पाठ्यक्रम कोड: 08
अवधि:3 वर्ष (6 सेमेस्टर)
योग्यता: 10+2इन्टरमीडिएट, कला को वैकल्पिक विषय रखने वालों को वरीयता। फिर भी, उम्मीद्वारों में रचनात्मक रूझान होना चाहिए (10+2 की परीक्षा में सम्मिलित होने वाले भी आवेदन कर सकते हैं)।
आयु सीमा: 31 जुलाई 2011 को अधिकतम 24 वर्ष

सीटों की संख्या: Nनोएडा कैंपस- 60, फुर्सतगंज कैंपस - 60, कोलकाता कैंपस - 30

पाठ्यक्रम का उद्देश्य:

इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य गहन ज्ञान का आधार तैयार करना और फैशन सहायक सामग्री एवं चमड़े की सामग्रियों की डिजाइनके क्षेत्र में पर्याप्त व्यवसायिक कौशल का विकास करना है। साथ ही, यह कार्यक्रम छात्रों के विनिर्माण व उत्पादन तकनीक, फैशन व प्रवृत्ति अनुमान विश्लेषण, विपणन, प्रबंधकीय एवं उद्यमीय कौशल के बारे में ज्ञान तथा समझ को भी विकसित करता है।

डिजाइनिंग तथा विनिर्माण तकनीक:

उत्पाद सम्बन्धित ज्ञान, प्रतिरूपों का कटाव, बाजार समझ (भारतीय व विदेशी), बाजार का खण्डीकरण, चमड़े से सम्बन्धित तकनीकें, चमड़ों का श्रेणीकरण, लागत निर्धारण, चमड़े का कटाव, उत्पादन योजना एवं नियंत्रण, सिलाई का अनुक्रम, उपकरणों एवं उपसाधनों का प्रयोग, मशीनों की समझ, परिष्कृत चमड़े पहचान, चमड़े के परिष्करण की पहचान एवं सामान्य अनुप्रयोग, विभिन्न परिष्कृत चमड़ों का सूत्रीकरण। गैर-चमड़ा सामग्रियोंध्उत्पादों का परिष्करण, चमड़े के उत्पादों एवं सहायक सामग्रियों का परिष्करण, प्रस्तुतीकरण तकनीक। औद्योगिक प्रशिक्षण और परियोजनाएं आदि प्रशिक्षण कार्यक्रम का अभिन्न अंग हैं।

पाठ्यक्रम विवरण:

उत्पाद एवं आकृति डिजाइन, कर्मचारी परिस्थिति विज्ञान, उत्पाद फोटोग्राफी, आधार डिजाइनका आरेख,विश्लेषणात्मक आरेख, ज्यामितीय रचना, रंग संयोजन, फैलाव की बनावट एवं संरचना, वातावरण का बोध, फोटोग्राफी चित्रण, वैज्ञानिक एवं उदारवादी कला, डिजाइनसंकल्पना एवं निर्माण, चमड़ा विज्ञान, कार्य प्रस्तुतीकरण।

कैरियर संभावना:

इस कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा करने के उपरान्त छात्र चमड़ा उत्पादों एवं सहायक सामग्री उद्योग में डिजाइनर, व्यापारी और उत्पादन कर्मचारी के तौर पर उद्योग जगत में पदार्पण कर सकते हैं।

 

उपलब्ध शैक्षिक कार्यकम